Angioplasty पैर को Gangrene से कैसे बचाती है — पूरी प्रक्रिया Step by Step
एक सुई के छेद और एक छोटे से balloon से gangrene का इलाज — यह अविश्वसनीय लगता है, लेकिन अब यह interventional radiology में एक सामान्य प्रक्रिया है।
धमनी खोलना क्यों ज़रूरी है?
Gangrene तब होता है जब धमनी (artery) atherosclerotic plaque (चर्बी और calcium का जमाव) से अवरुद्ध हो जाती है। शरीर इस plaque को स्वयं नहीं हटा सकता। Angioplasty इस plaque को दबाकर (compress करके) धमनी का रास्ता चौड़ा करती है — जिससे रक्त फिर से पैर तक पहुँचने लगता है।
जब तक रक्त प्रवाह बहाल नहीं होता, ऊतक मरता रहेगा और ज़ख्म कभी नहीं भरेंगे।
प्रक्रिया — Step by Step
- तैयारी (Preparation): केवल local anaesthesia (स्थानीय सुन्नपन) — जाँघ (groin) या पैर पर। मरीज़ पूरी प्रक्रिया के दौरान जागा रहता है।
- Access (प्रवेश): Ultrasound की निगरानी में एक पतली सुई से धमनी में प्रवेश किया जाता है। फिर एक plastic sheath (नली) रखी जाती है जिससे उपकरण अंदर भेजे जाते हैं।
- Angiogram (धमनी का नक्शा): Contrast dye डालकर X-ray से धमनियों का पूरा नक्शा बनाया जाता है — कहाँ blockage है, कितनी लंबी है, सब स्पष्ट दिखता है।
- Blockage पार करना (Crossing): एक बहुत पतला guidewire blockage के पार ले जाया जाता है। जटिल (complex) blockages में subintimal angioplasty तकनीक का उपयोग किया जाता है।
- Balloon Angioplasty: एक छोटा balloon blockage की जगह पर फुलाया जाता है — 4 से 16 atmospheres के दबाव पर, 30 से 120 सेकंड तक। यह plaque को दबाकर धमनी का रास्ता खोलता है।
- Drug-Coated Balloon (DCB): Paclitaxel दवाई से लेपित balloon का उपयोग किया जाता है — यह धमनी को दोबारा सिकुड़ने (re-narrowing/restenosis) से रोकता है।
- Stenting (यदि आवश्यक हो): अगर balloon से पर्याप्त परिणाम नहीं मिलता, तो एक metallic stent (धातु की जाली) रखी जाती है। Drug-eluting stents दवाई छोड़ते हैं जो दोबारा blockage रोकती है।
- Completion Angiogram (अंतिम जाँच): प्रक्रिया के अंत में फिर से angiogram किया जाता है — यह पुष्टि करता है कि रक्त पैर तक पहुँच रहा है। Procedure table पर ही पैर गर्म होने लगता है।
- Closure (समापन): कोई टाँके नहीं — सिर्फ़ एक छोटी पट्टी। मरीज़ कुछ घंटों में चल-फिर सकता है।
Angioplasty के बाद Gangrene का क्या होता है?
रक्त प्रवाह बहाल होते ही:
- ऊतक का मरना रुक जाता है — gangrene आगे नहीं फैलता
- जीवित (viable) ऊतक ठीक होने लगता है — ऑक्सीजन और पोषक तत्व (nutrients) मिलने से ज़ख्म भरने लगते हैं
- मृत ऊतक (dead tissue) प्राकृतिक रूप से अलग हो जाता है — शरीर स्वयं इसे अलग कर देता है
Gangrene के पूरे इलाज के बारे में विस्तार से पढ़ें: Gangrene — बिना ऑपरेशन के इलाज
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