RF Ablation एक छोटे से पंचर के ज़रिए खराब नसों को बंद कर देता है। उसी दिन चलकर जाएँ - न टाँके, न निशान।
RF Ablationवैरिकोज़ वेन्स फूली हुई, मुड़ी-तुड़ी नसें होती हैं जो त्वचा की सतह के ठीक नीचे दिखाई देती हैं। ये आमतौर पर पैरों में होती हैं क्योंकि खड़े रहने और चलने से पैरों की नसों पर दबाव बढ़ जाता है।
स्वस्थ नसों में छोटे-छोटे एकतरफ़ा वाल्व होते हैं जो खून को ऊपर की ओर दिल तक ले जाते हैं। जब ये वाल्व कमज़ोर या खराब हो जाते हैं, तो खून उलटा बहकर नसों में जमा हो जाता है। इससे नसें फूल जाती हैं, उभर आती हैं और त्वचा के ज़रिए दिखने लगती हैं। समय के साथ, जमा खून नसों को गहरे बैंगनी या नीले रंग का बना देता है और उन्हें मुड़ी हुई रस्सी जैसी शक्ल दे देता है।
वैरिकोज़ वेन्स बेहद आम हैं। लगभग 30% वयस्कों को अपने जीवन में कभी न कभी यह समस्या होती है। कुछ लोग इसे सिर्फ़ दिखावट की समस्या मानते हैं, लेकिन वैरिकोज़ वेन्स काफ़ी तकलीफ़ दे सकती हैं और अगर इलाज न किया जाए तो त्वचा पर घाव (अल्सर), खून बहना और खून के थक्के जैसी गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं।
बहुत से लोग वैरिकोज़ वेन्स के साथ सालों तक यह सोचकर जीते रहते हैं कि ये लक्षण "सामान्य" हैं या बस उम्र बढ़ने की निशानी हैं। इन चेतावनी के संकेतों पर ध्यान दें:
अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण है, तो किसी विशेषज्ञ से मिलना ज़रूरी है। जल्दी इलाज करना आसान, तेज़ और जटिलताओं से बचाने वाला होता है।
पैरों में सूजन — यह हमारी clinic में सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सूजन के कई कारण हो सकते हैं — दिल की बीमारी, kidney की समस्या, या lymphatic blockage — लेकिन अगर आप otherwise healthy हैं, तो पैरों की सूजन का सबसे आम कारण varicose veins है।
जब पैरों की नसों के valve ठीक से काम नहीं करते, तो खून नीचे जमा हो जाता है। इस बढ़े हुए pressure से fluid नसों से बाहर आकर tissues में चला जाता है — और पैर सूज जाते हैं। यह सूजन शाम को बढ़ती है और सुबह सोकर उठने पर कम हो जाती है।
अगर आपकी सूजन में यह pattern है — रात को कम, दिन में ज़्यादा — तो एक simple ultrasound से पता चल सकता है कि varicose veins इसकी वजह हैं या नहीं।
बहुत से मरीज़ हमारे पास आते हैं और कहते हैं कि पैर भारी लगते हैं, थकान रहती है, या हल्का दर्द रहता है — ख़ासकर लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने के बाद। वे अक्सर इसे "poor circulation" कहते हैं बिना exact कारण जाने।
ज़्यादातर cases में, ये लक्षण venous insufficiency की तरफ़ इशारा करते हैं — यही वो underlying condition है जो varicose veins का कारण बनती है। जब पैरों की नसें खून को दिल तक सही से pump नहीं कर पातीं, तो खून नीचे जमा होता रहता है। इसी वजह से पैर भारी लगते हैं, टखनों के पास skin का रंग बदलने लगता है, और रात को बेचैनी होती है।
अच्छी बात यह है कि अगर पैरों में poor circulation का कारण नसों के faulty valves हैं, तो RF Ablation से सिर्फ़ 30 मिनट में इसकी जड़ ठीक हो सकती है।
वैरिकोज़ वेन्स तब होती हैं जब आपकी नसों के अंदर के वाल्व ठीक से काम करना बंद कर देते हैं। कई कारक आपका जोखिम बढ़ा सकते हैं:
दशकों तक वैरिकोज़ वेन्स का मानक इलाज एक सर्जिकल प्रक्रिया थी जिसे "स्ट्रिपिंग" कहते हैं - इसमें पूरी खराब नस को पैर में चीरा लगाकर निकाल दिया जाता था। आज, Radiofrequency (RF) Ablation एक बेहतर विकल्प है।
| पहलू | पारंपरिक सर्जरी (स्ट्रिपिंग) | RF Ablation (Cure Without Cut) |
|---|---|---|
| एनेस्थीसिया | स्पाइनल या जनरल एनेस्थीसिया | सिर्फ़ लोकल एनेस्थीसिया |
| चीरा | पैर में कई जगह कट लगते हैं | एक छोटा सा सुई का छेद |
| अस्पताल में रुकना | 1-3 दिन | डे-केयर (उसी दिन घर जाएँ) |
| ठीक होने का समय | 2-4 हफ़्ते काम से छुट्टी | 1-2 दिन में सामान्य जीवन |
| निशान | चीरों से दिखने वाले निशान | कोई निशान नहीं (सिर्फ़ पिनहोल) |
| प्रक्रिया के बाद दर्द | मध्यम से काफ़ी दर्द | बहुत कम तकलीफ़ |
| नसों को नुकसान का ख़तरा | ज़्यादा (सर्जिकल चीरफाड़ के कारण) | बहुत कम |
| सफलता दर | ~85% | ~95-97% |
Radiofrequency Ablation एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है जो डॉ. रोहित अग्रवाल द्वारा मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में की जाती है। प्रक्रिया के दौरान क्या होता है:
पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 30-45 मिनट लगते हैं। न कोई टाँका, न कोई पट्टी, और न ही अस्पताल में रुकने की ज़रूरत।
RF Ablation का सबसे बड़ा फ़ायदा है तेज़ रिकवरी:
इलाज की गई नस के साथ हल्की चोट या हल्का दर्द सामान्य है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। गंभीर जटिलताएँ बहुत दुर्लभ हैं।
अधिकांश मरीज़ बहुत कम तकलीफ़ बताते हैं। प्रक्रिया लोकल एनेस्थीसिया में होती है और आपको हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है। प्रक्रिया के बाद की तकलीफ़ आमतौर पर हल्की होती है और ज़रूरत पड़ने पर साधारण दर्द की दवा से ठीक हो जाती है।
आपके पैरों में कई नसें होती हैं। जब एक खराब नस बंद की जाती है, तो खून बाकी स्वस्थ नसों से बहने लगता है। दरअसल, रक्त संचार अक्सर बेहतर हो जाता है क्योंकि अब खून खराब नस में जमा नहीं होता।
जिस नस का इलाज किया गया है वह स्थायी रूप से बंद हो जाती है और वापस नहीं आती। हालाँकि, दूसरी नसों में नई वैरिकोज़ वेन्स बन सकती हैं, ख़ासकर अगर जोखिम कारक (जैसे लंबे समय तक खड़ा रहना) बने रहें। RF Ablation के बाद दोबारा होने की दर पारंपरिक सर्जरी की तुलना में काफ़ी कम है।
वैरिकोज़ वेन्स के लक्षण वाले अधिकांश मरीज़ इसके लिए उपयुक्त होते हैं। परामर्श के दौरान, डॉ. अग्रवाल आपकी नसों का अल्ट्रासाउंड मूल्यांकन करेंगे और आपकी स्थिति के अनुसार सबसे अच्छी इलाज योजना बताएँगे।
हाँ, वैरिकोज़ वेन्स के लिए RF Ablation अधिकांश प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा कवर किया जाता है। मेदांता हॉस्पिटल में हमारी टीम इंश्योरेंस की प्रक्रिया में आपकी मदद कर सकती है।
लंबे समय तक खड़े रहने के बाद पैरों में भारीपन venous insufficiency का classic sign है — यही condition varicose veins का कारण बनती है। जब पैरों की नसों के one-way valves कमज़ोर हो जाते हैं, तो gravity की वजह से खून नीचे जमा होता रहता है, जिससे पैर भारी और थके हुए लगते हैं। Ultrasound से diagnosis confirm हो सकती है।
टखनों के पास skin का काला या भूरा पड़ना (जिसे venous stasis dermatitis कहते हैं) varicose vein disease के advanced stage का संकेत है। यह इसलिए होता है क्योंकि नसों में जमा खून से iron deposits skin में आ जाते हैं। यह सिर्फ़ दिखावट की समस्या नहीं है — यह बताता है कि venous insufficiency काफ़ी पुरानी हो चुकी है और इलाज ज़रूरी है, वरना leg ulcers का ख़तरा बढ़ जाता है।
Varicose veins से superficial thrombophlebitis हो सकती है — यानी skin की सतह के पास की नस में खून का थक्का। यह deep vein thrombosis (DVT) जितना ख़तरनाक नहीं है, लेकिन दर्दनाक हो सकता है और कभी-कभी DVT में बदल सकता है। अगर किसी varicose vein पर सख़्त, दर्दनाक गांठ महसूस हो, साथ में लालिमा और गर्माहट हो, तो तुरंत doctor से मिलें।
डॉ. रोहित अग्रवाल से परामर्श लें और जानें कि यह इलाज आपके लिए सही है या नहीं।
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