ब्रेन एन्यूरिज्म एक खामोश टाइम बम है - दिमाग की धमनी में एक कमज़ोर, फूला हुआ हिस्सा जो बिना किसी चेतावनी के फट सकता है। डॉ. रोहित अग्रवाल endovascular coiling के ज़रिए जाँघ में एक छोटी सुई के पंचर से ब्रेन एन्यूरिज्म का इलाज करते हैं, बिना खोपड़ी खोले। यह मिनिमली इनवेसिव तरीका सुरक्षित इलाज और तेज़ रिकवरी प्रदान करता है।
ब्रेन एन्यूरिज्म क्या है?
ब्रेन एन्यूरिज्म (जिसे cerebral aneurysm या intracranial aneurysm भी कहते हैं) दिमाग के अंदर किसी रक्त वाहिका की कमज़ोर दीवार में गुब्बारे जैसा उभार होता है। इसे ऐसे समझें जैसे किसी फूले हुए ट्यूब में एक कमज़ोर जगह हो - दीवार पतली होकर खून के दबाव से बाहर की ओर फूल जाती है।
अधिकांश ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग के आधार पर धमनियों के शाखा बिंदुओं पर बनते हैं, जिसे Circle of Willis कहा जाता है। ये आकार में कुछ मिलीमीटर (छोटे) से लेकर 25 मिलीमीटर से अधिक (विशाल) तक हो सकते हैं।
ब्रेन एन्यूरिज्म उतने दुर्लभ नहीं हैं जितना अधिकतर लोग सोचते हैं। अध्ययनों के अनुसार हर 50 में से 1 व्यक्ति (लगभग 2-3% आबादी) में बिना फटा हुआ ब्रेन एन्यूरिज्म होता है। इनमें से अधिकांश छोटे होते हैं, कोई लक्षण नहीं देते और कभी फटते नहीं। हालाँकि, जब कोई एन्यूरिज्म फट जाता है, तो परिणाम विनाशकारी होते हैं - इससे एक प्रकार का स्ट्रोक होता है जिसे subarachnoid haemorrhage (SAH) कहते हैं, जो लगभग 40% मामलों में जानलेवा होता है और कई बचे हुए मरीज़ों में स्थायी विकलांगता छोड़ जाता है।
अच्छी बात यह है कि जब फटने से पहले पता चल जाए, तो ब्रेन एन्यूरिज्म का नियोजित इलाज बेहतरीन नतीजों के साथ किया जा सकता है - ख़ासकर आधुनिक endovascular तकनीकों से।
लक्षण और चेतावनी के संकेत
अधिकांश बिना फटे ब्रेन एन्यूरिज्म कोई लक्षण नहीं देते और किसी अन्य कारण से किए गए ब्रेन इमेजिंग में संयोगवश पता चलते हैं। हालाँकि, बड़े बिना फटे एन्यूरिज्म आसपास की ब्रेन संरचनाओं पर दबाव डालकर ये लक्षण दे सकते हैं:
एक आँख के ऊपर और पीछे दर्द
एक आँख की पुतली का फैलना (dilated pupil)
दोहरी दृष्टि या धुँधला दिखना
एक तरफ़ पलक का झुकना
चेहरे के एक तरफ़ सुन्नपन या कमज़ोरी
एक जगह पर लगातार सिरदर्द
जब ब्रेन एन्यूरिज्म फट जाता है, तो लक्षण अचानक और गंभीर होते हैं:
"थंडरक्लैप" सिरदर्द: अचानक, बेहद तेज़ सिरदर्द - जिसे अक्सर "ज़िंदगी का सबसे भयंकर सिरदर्द" बताया जाता है। यह सबसे प्रमुख लक्षण है और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा की माँग करता है।
मतली और उल्टी
गर्दन में अकड़न
रोशनी से परेशानी
धुँधला या दोहरा दिखना
दौरे (seizures)
बेहोशी
भ्रम या बोलने में कठिनाई
फटा हुआ ब्रेन एन्यूरिज्म एक मेडिकल इमरजेंसी है। तुरंत एम्बुलेंस बुलाएँ या नज़दीकी अस्पताल पहुँचें। हर मिनट अहम है - समय पर इलाज ज़िंदगी और मौत का फ़ैसला कर सकता है।
जोखिम कारक: किसे ख़तरा ज़्यादा है?
हालाँकि किसी को भी ब्रेन एन्यूरिज्म हो सकता है, कुछ कारक ख़तरे को बढ़ाते हैं:
पारिवारिक इतिहास: अगर किसी क़रीबी रिश्तेदार (माता-पिता, भाई-बहन या बच्चे) को ब्रेन एन्यूरिज्म हुआ है, तो आपका जोखिम काफ़ी बढ़ जाता है। ऐसे में स्क्रीनिंग की सलाह दी जा सकती है।
उम्र और लिंग: ब्रेन एन्यूरिज्म 40 साल की उम्र के बाद ज़्यादा आम हैं और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होते हैं (लगभग 3:2 अनुपात)।
धूम्रपान: सबसे महत्वपूर्ण बदलने योग्य जोखिम कारकों में से एक। धूम्रपान करने वालों में ब्रेन एन्यूरिज्म बनने और फटने की संभावना 3 से 5 गुना ज़्यादा होती है।
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप): लगातार ऊँचा रक्तचाप समय के साथ धमनियों की दीवारों को कमज़ोर करता है।
अत्यधिक शराब सेवन: नियमित अत्यधिक शराब पीने से एन्यूरिज्म बनने और फटने दोनों का ख़तरा बढ़ता है।
कुछ आनुवंशिक स्थितियाँ: Polycystic kidney disease, Ehlers-Danlos syndrome और Marfan syndrome में एन्यूरिज्म का ख़तरा ज़्यादा होता है।
पहले से एन्यूरिज्म: एक ब्रेन एन्यूरिज्म होने से दूसरा होने का ख़तरा बढ़ जाता है।
जाँच (Diagnosis)
ब्रेन एन्यूरिज्म की जाँच उन्नत इमेजिंग तकनीकों से होती है:
CT Angiography (CTA): एक तेज़, बिना चीरे वाला स्कैन जो कंट्रास्ट डाई और CT तकनीक से दिमाग की रक्त वाहिकाओं की विस्तृत तस्वीरें बनाता है। आपातकालीन स्थितियों में अक्सर यह पहली जाँच की जाती है।
MR Angiography (MRA): मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग का उपयोग करके बिना रेडिएशन के दिमाग की धमनियों को देखा जाता है। स्क्रीनिंग और पहले से ज्ञात एन्यूरिज्म की फ़ॉलो-अप के लिए बेहतरीन।
Digital Subtraction Angiography (DSA): ब्रेन एन्यूरिज्म की जाँच का गोल्ड स्टैंडर्ड। जाँघ की धमनी से catheter डालकर दिमाग की रक्त वाहिकाओं तक पहुँचाया जाता है, जहाँ कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट करके सबसे विस्तृत तस्वीरें ली जाती हैं। इससे एन्यूरिज्म के आकार, रूप और आसपास की रक्त वाहिकाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है - जो इलाज की योजना बनाने के लिए ज़रूरी है।
CT स्कैन (बिना कंट्रास्ट): आपातकालीन स्थितियों में, सिर का सादा CT स्कैन फटे एन्यूरिज्म से रक्तस्राव (subarachnoid haemorrhage) का पता लगाने के लिए पहली जाँच होती है।
लम्बर पंचर: अगर फटे एन्यूरिज्म का संदेह हो लेकिन CT स्कैन सामान्य आए, तो मस्तिष्कमेरु द्रव (cerebrospinal fluid) में खून की जाँच के लिए स्पाइनल टैप किया जा सकता है।
Cure Without Cut तरीका: Endovascular Coiling
Endovascular coiling एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है जो रक्त वाहिका के अंदर से ब्रेन एन्यूरिज्म का इलाज करती है, बिना खोपड़ी खोले। 1990 के दशक में विकसित और तब से काफ़ी उन्नत, यह दुनिया भर में अधिकांश ब्रेन एन्यूरिज्म के लिए पसंदीदा इलाज बन चुकी है।
यह कैसे काम करती है, चरण दर चरण:
एनेस्थीसिया: प्रक्रिया जनरल एनेस्थीसिया में की जाती है ताकि पूर्ण स्थिरता सुनिश्चित हो, जो दिमाग की रक्त वाहिकाओं में आवश्यक सटीकता के लिए ज़रूरी है।
एक्सेस: जाँघ की फीमोरल धमनी में एक छोटा सुई का पंचर किया जाता है। खोपड़ी में किसी चीरे की ज़रूरत नहीं।
Catheter नेविगेशन: रियल-टाइम एक्स-रे गाइडेंस (fluoroscopy) और हाई-रिज़ॉल्यूशन digital subtraction angiography की मदद से एक पतला catheter जाँघ की धमनी से aorta, गर्दन की धमनियों के रास्ते होते हुए उस विशिष्ट दिमाग की धमनी तक पहुँचाया जाता है जो एन्यूरिज्म को रक्त पहुँचाती है।
Microcatheter लगाना: एक बेहद पतला microcatheter (1 मिमी से भी कम व्यास का) मुख्य catheter से होकर एन्यूरिज्म की थैली के अंदर सावधानी से रखा जाता है।
Coil डिप्लॉयमेंट: बारीक, मुलायम प्लैटिनम coils (बाल के एक तार से भी पतले) microcatheter से होकर एन्यूरिज्म में भरे जाते हैं। ये coils एन्यूरिज्म के अंदर कुंडली बनाकर उसे भर देते हैं और थैली में रक्त प्रवाह को रोक देते हैं। इससे शरीर की प्राकृतिक थक्का बनने की प्रक्रिया शुरू होती है, जो एन्यूरिज्म को सामान्य रक्त प्रवाह से अलग कर देती है।
उन्नत तकनीकें (ज़रूरत पड़ने पर):
Balloon-assisted coiling: Coils रखते समय एन्यूरिज्म की गर्दन पर एक छोटा बैलून अस्थायी रूप से फुलाया जाता है ताकि coils अंदर रहें।
Stent-assisted coiling: एन्यूरिज्म की गर्दन पर एक छोटा धातु का जालीदार stent लगाया जाता है जो coils को जगह पर रखता है, ख़ासकर चौड़ी गर्दन वाले एन्यूरिज्म के लिए उपयोगी।
Flow diverter stents: जटिल या बड़े एन्यूरिज्म के लिए, एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया जालीदार stent एन्यूरिज्म के मुँह पर लगाया जाता है। यह रक्त प्रवाह को एन्यूरिज्म से दूर मोड़ देता है, जिससे वह कुछ हफ़्तों से महीनों में धीरे-धीरे जम कर सिकुड़ जाता है।
अंतिम जाँच: एंजियोग्राफ़िक तस्वीरों से पुष्टि की जाती है कि एन्यूरिज्म सफलतापूर्वक बंद हो गया है और आसपास की दिमाग की धमनियों में सामान्य रक्त प्रवाह बरकरार है।
प्रक्रिया समाप्त: Catheters निकाल दिए जाते हैं और जाँघ के पंचर स्थल को सील कर दिया जाता है। सिर में किसी टाँके की ज़रूरत नहीं।
प्रक्रिया में आमतौर पर एन्यूरिज्म की जटिलता के अनुसार 1-3 घंटे लगते हैं।
सर्जिकल क्लिपिंग बनाम Endovascular Coiling: तुलना
पहलू
सर्जिकल क्लिपिंग (ओपन सर्जरी)
Endovascular Coiling (Cure Without Cut)
तरीका
Craniotomy - दिमाग तक पहुँचने के लिए खोपड़ी का एक हिस्सा निकाला जाता है
जाँघ में छोटा सुई का पंचर - खोपड़ी नहीं खोली जाती
ब्रेन को छूना
एन्यूरिज्म तक पहुँचने के लिए ब्रेन टिशू को हटाना पड़ता है
ब्रेन टिशू से कोई संपर्क नहीं
एनेस्थीसिया
जनरल एनेस्थीसिया (लंबी अवधि)
जनरल एनेस्थीसिया (कम अवधि)
प्रक्रिया का समय
4-8 घंटे
1-3 घंटे
ICU में रहना
आमतौर पर 2-5 दिन
आमतौर पर 1-2 दिन
कुल अस्पताल में रहना
7-14 दिन
2-5 दिन
सामान्य गतिविधियों पर वापसी
4-8 हफ़्ते
1-2 हफ़्ते
प्रक्रिया से ब्रेन को नुकसान का ख़तरा
ज़्यादा - ब्रेन रिट्रैक्शन और सीधे छूने के कारण
कम - ब्रेन टिशू से कोई संपर्क नहीं
कॉस्मेटिक परिणाम
सिर पर बड़ा निशान; खोपड़ी का हिस्सा निकालकर वापस लगाना
कोई दिखने वाला निशान नहीं (छोटा सा जाँघ पंचर)
दौरे (seizures) का ख़तरा
ज़्यादा (5-10%) ब्रेन सतह के खुलने के कारण
कम (1-2%)
संज्ञानात्मक प्रभाव
अल्पकालिक संज्ञानात्मक कठिनाइयों की दर ज़्यादा
1 साल में बेहतर संज्ञानात्मक परिणाम (ISAT ट्रायल के अनुसार)
दोबारा इलाज की दर
कम (क्लिप आमतौर पर स्थायी होती है)
थोड़ी ज़्यादा (10-15% को अतिरिक्त coiling की ज़रूरत पड़ सकती है); फ़ॉलो-अप इमेजिंग ज़रूरी
फटे एन्यूरिज्म के लिए उपयुक्तता
उपयुक्त
पसंदीदा प्रथम-पंक्ति इलाज (अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार)
जीवित रहना और स्वतंत्रता (फटे मामलों में)
अच्छा
1 साल में बेहतर परिणाम (ISAT ट्रायल: 23.7% बनाम 30.6% मृत्यु/निर्भरता)
मुख्य प्रमाण: The Lancet में प्रकाशित ऐतिहासिक International Subarachnoid Aneurysm Trial (ISAT) से पता चला कि फटे एन्यूरिज्म वाले मरीज़ों में endovascular coiling से इलाज किए गए मरीज़ों के 1 साल के परिणाम सर्जिकल क्लिपिंग की तुलना में काफ़ी बेहतर थे। इसी कारण coiling दुनिया भर में अधिकांश ब्रेन एन्यूरिज्म के लिए प्रथम-पंक्ति इलाज बन गई है।
रिकवरी और फ़ॉलो-अप
Endovascular coiling के बाद रिकवरी ओपन सर्जरी की तुलना में काफ़ी तेज़ होती है:
पहले 24 घंटे: आपकी ICU या हाई-डिपेंडेंसी यूनिट में निगरानी होगी। नियमित न्यूरोलॉजिकल जाँच से यह सुनिश्चित किया जाता है कि ब्रेन सामान्य रूप से काम कर रहा है।
दिन 2-3: अधिकांश मरीज़ सामान्य वार्ड में आ जाते हैं, सामान्य रूप से खा सकते हैं, बैठ सकते हैं और सहायता से चलना शुरू कर सकते हैं।
छुट्टी (दिन 2-5): अगर रिकवरी सामान्य हो, तो आप आराम और धीरे-धीरे गतिविधियों पर लौटने के निर्देशों के साथ घर जा सकते हैं।
हफ़्ता 1-2: घर पर हल्की गतिविधियाँ। भारी सामान उठाने, ज़ोर लगाने और कठिन व्यायाम से बचें।
हफ़्ता 2-4: सामान्य गतिविधियों में धीरे-धीरे वापसी, जिसमें काम भी शामिल है (आपकी नौकरी की प्रकृति पर निर्भर)।
1 महीने के बाद: अधिकांश मरीज़ अपनी पूरी दिनचर्या पर लौट आते हैं।
लंबे समय तक फ़ॉलो-अप ज़रूरी है: सर्जिकल क्लिपिंग के विपरीत (जो आमतौर पर स्थायी होती है), coil किए गए एन्यूरिज्म की समय-समय पर इमेजिंग ज़रूरी है ताकि वे बंद बने रहें। सामान्य फ़ॉलो-अप शेड्यूल इस प्रकार है:
प्रक्रिया के 6 महीने बाद MR Angiography
1 साल बाद MR Angiography
पहले 5 सालों में हर 1-2 साल पर MR Angiography
अगर 5 साल में स्थिर रहे, तो फ़ॉलो-अप का अंतराल बढ़ाया जा सकता है
अगर फ़ॉलो-अप इमेजिंग में कोई पुनरावृत्ति या वृद्धि दिखती है, तो आमतौर पर एक और मिनिमली इनवेसिव coiling सत्र से इलाज किया जा सकता है - सर्जरी की ज़रूरत नहीं।
इलाज के बाद जीवनशैली संबंधी सलाह:
ब्लड प्रेशर को सख़्ती से नियंत्रित रखें - यह सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक उपाय है