Cure Without Cut
Gangrene May 25, 2026

डायबिटिक फुट गैंग्रीन — हज़ारों लोग बेवजह पैर क्यों गँवाते हैं

भारत में डायबिटीज़ से जुड़े पैर काटने की दर दुनिया में सबसे अधिक है। अध्ययनों के अनुसार इनमें से 85% तक रोके जा सकते हैं। यहाँ हर डायबिटिक मरीज़ और उनके परिवार को जानने योग्य ज़रूरी बातें दी गई हैं।

समस्या का पैमाना

भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज़ से पीड़ित हैं। इनमें से लगभग 15-25% को किसी न किसी समय डायबिटिक फुट की समस्या होगी। दुनिया में हर 30 सेकंड में डायबिटीज़ के कारण एक अंग काटा जाता है। भारत में इनमें से कई amputation ऐसे मरीज़ों के होते हैं जिन्हें कभी वैस्कुलर इंटरवेंशन के बारे में बताया ही नहीं गया — जो उनका पैर बचा सकता था।

डायबिटिक मरीज़ों को सबसे अधिक खतरा क्यों है

डायबिटीज़ पैरों पर दो तरफ से हमला करता है:

  1. पेरिफेरल न्यूरोपैथी: हाई ब्लड शुगर पैरों की संवेदना देने वाली नसों को नुकसान पहुँचाता है। मरीज़ दर्द महसूस करने की क्षमता खो देता है — इसलिए चोट, छाले और संक्रमण का पता गंभीर होने तक नहीं चलता।
  2. परिधीय धमनी रोग (PAD): डायबिटीज़ atherosclerosis को तेज़ करता है, जिससे पैरों तक रक्त पहुँचाने वाली धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं। पर्याप्त रक्त प्रवाह के बिना छोटे-से-छोटा घाव भी ठीक नहीं हो सकता।

यह संयोजन घातक है: मरीज़ को विकसित हो रहे घाव का एहसास नहीं होता, और शरीर उसे ठीक नहीं कर पाता। जब तक घाव पर ध्यान जाता है, गैंग्रीन पहले से मौजूद हो सकता है।

चेतावनी के संकेत जो परिवार के सदस्यों को देखने चाहिए

परिवार के सदस्य अक्सर इन संकेतों को मरीज़ से पहले देखते हैं (न्यूरोपैथी के कारण)। अगर आपके किसी डायबिटिक परिवार के सदस्य में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत वैस्कुलर विशेषज्ञ के पास ले जाएं — इंतज़ार न करें।

पैर बचाने वाला इलाज

जब डायबिटिक फुट गैंग्रीन बंद धमनियों के कारण होता है — जो लगभग हमेशा होता है — तो लखनऊ में बिना पैर काटे गैंग्रीन का इलाज angioplasty से संभव है। मेदांता में डॉ. रोहित अग्रवाल ने सैकड़ों limb-salvage प्रक्रियाएँ की हैं — जाँघ, घुटने, पिंडली और यहाँ तक कि पैर की छोटी धमनियों को भी खोलकर गैंग्रीन-प्रभावित ऊतकों तक सीधा रक्त प्रवाह बहाल किया है।

मरीज़ और परिवार अभी क्या कर सकते हैं

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