Cure Without Cut
DVT June 12, 2026

क्या DVT (Deep Vein Thrombosis) का इलाज बिना सर्जरी हो सकता है?

हाँ — Catheter-Directed Thrombolysis (CDT) DVT के इलाज का आधुनिक, बिना सर्जरी वाला तरीका है। थक्का निकालने के लिए ओपन सर्जरी की बजाय, एक पतला catheter छोटे से सुई के छेद से अवरुद्ध नस में डाला जाता है और थक्का घोलने वाली दवा सीधे ज़रूरत की जगह पहुँचाई जाती है। डॉ. रोहित अग्रवाल ने मेदांता लखनऊ में 150 से अधिक ऐसी प्रक्रियाएँ की हैं, जिनमें अधिकांश मरीज़ों में 80% या अधिक थक्का घुला है।

DVT क्या है और यह ख़तरनाक क्यों है?

Deep Vein Thrombosis (DVT) गहरी नस के अंदर ख़ून के थक्के का बनना है, जो अक्सर पैरों में होता है। यह थक्का हृदय की ओर रक्त के सामान्य प्रवाह को रोक देता है, जिससे:

DVT की सबसे ख़तरनाक जटिलता Pulmonary Embolism (PE) है — जब थक्के का एक टुकड़ा टूटकर, रक्तप्रवाह से होते हुए फेफड़ों में अटक जाता है। PE जानलेवा हो सकता है और आपातकालीन इलाज की ज़रूरत होती है। PE न होने पर भी, बिना इलाज DVT अक्सर Post-Thrombotic Syndrome (PTS) का कारण बनता है — पैर में लंबे समय तक सूजन, दर्द, त्वचा में बदलाव और अल्सर जो सालों तक बने रह सकते हैं या स्थायी हो सकते हैं।

पारंपरिक इलाज

DVT का परंपरागत इलाज अकेले ख़ून पतला करने वाली दवाइयाँ (anticoagulants) रहा है — जैसे heparin और उसके बाद warfarin या नई मुँह से लेने वाली दवाइयाँ (rivaroxaban, apixaban)। ख़ून पतला करने वाली दवाइयाँ दो काम करती हैं:

लेकिन ख़ून पतला करने वाली दवाइयों की एक गंभीर सीमा है: ये मौजूदा थक्के को घोलती नहीं हैं। शरीर को थक्के को अपने आप तोड़ना पड़ता है, जो एक धीमी और अक्सर अधूरी प्रक्रिया है। अध्ययनों से पता चलता है कि अकेली ख़ून पतला करने वाली दवाइयों से:

व्यापक थक्कों वाले मरीज़ों के लिए — विशेषकर iliac या femoral नसों में — अकेली ख़ून पतला करने वाली दवाइयाँ अक्सर अपर्याप्त होती हैं।

बिना सर्जरी तरीका: Catheter-Directed Thrombolysis

Catheter-Directed Thrombolysis (CDT) शरीर के धीरे-धीरे करने का इंतज़ार करने की बजाय सक्रिय रूप से थक्के को घोलता है। यह इस तरह काम करता है:

  1. Ultrasound-गाइडेड एक्सेस: डॉ. रोहित अग्रवाल Ultrasound की सहायता से पैर की नस (आमतौर पर घुटने के पीछे या टखने पर) में सुई के छेद से एक पतला catheter डालते हैं। कोई सर्जिकल चीरा नहीं लगता।
  2. Catheter पोज़िशनिंग: Catheter को नस में आगे बढ़ाकर रियल-टाइम इमेजिंग (venography) की मदद से सीधे थक्के के अंदर स्थापित किया जाता है।
  3. थक्का घोलने वाली दवा का इंफ्यूज़न: एक शक्तिशाली thrombolytic दवा (जैसे alteplase या urokinase) catheter में बने कई छोटे छेदों से सीधे थक्के में दी जाती है। चूँकि दवा स्थानीय रूप से दी जाती है, यह systemic (IV) थेरेपी की तुलना में बहुत अधिक सांद्रता में काम करती है जबकि कुल खुराक कम होती है — जिससे ख़ून बहने का ख़तरा कम होता है।
  4. Mechanical Thrombectomy (ज़रूरत होने पर): चुनिंदा मामलों में, डॉ. रोहित उन्नत मैकेनिकल उपकरणों का उपयोग करते हैं — जिनमें INARI FlowTriever/ClotTriever सिस्टम शामिल है — बड़े थक्कों को शारीरिक रूप से निकालने के लिए। मेदांता लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला केंद्र था जिसने DVT के लिए INARI Mechanical Thrombectomy की।
  5. Stenting (ज़रूरत होने पर): अगर नस में कोई सिकुड़न या दबाव पाया जाता है (जैसे May-Thurner Syndrome — बाईं iliac नस पर दबाव), तो नस को खुला रखने और दोबारा थक्का बनने से रोकने के लिए venous stent लगाया जाता है।
  6. फ़ॉलो-अप दवाइयाँ: थक्का घुलने के बाद, दोबारा होने से रोकने के लिए 3-6 महीनों तक मानक ख़ून पतला करने वाली दवाइयाँ दी जाती हैं।

Catheter-Directed इलाज की किसे ज़रूरत है?

हर DVT को catheter-directed इलाज की ज़रूरत नहीं होती। छोटे, घुटने से नीचे (distal) के थक्कों के लिए अकेली ख़ून पतला करने वाली दवाइयाँ उपयुक्त हैं। Catheter-Directed Thrombolysis इन स्थितियों के लिए अनुशंसित है:

सभी उपलब्ध इलाज के तरीकों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारा पृष्ठ पढ़ें: लखनऊ में DVT का इलाज

परिणाम

मेदांता लखनऊ में डॉ. रोहित अग्रवाल के Catheter-Directed DVT इलाज के परिणाम:

देर न करें — DVT में समय बहुत महत्वपूर्ण है

DVT का जितनी जल्दी इलाज हो, परिणाम उतना बेहतर होता है। अगर आपको या आपके किसी प्रियजन को DVT का पता चला है — विशेषकर पैर में बड़े थक्के और काफ़ी सूजन — तो तुरंत डॉ. रोहित अग्रवाल से WhatsApp पर संपर्क करें: +91 860-445-3663। तत्काल मूल्यांकन के लिए अपनी Doppler Ultrasound रिपोर्ट भेजें। आप हमारे केंद्र में इलाज किए गए DVT मरीज़ों के पहले और बाद के वीडियो भी देखने का अनुरोध कर सकते हैं।

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