पैर की ब्लॉक धमनियों के लिए Bypass Surgery बनाम Angioplasty — कौन बेहतर है?
दशकों तक, bypass surgery ही पैर की गंभीर रूप से ब्लॉक धमनियों (blocked leg arteries) का एकमात्र इलाज था। आज, angioplasty उतने ही अच्छे परिणाम देती है — बहुत कम जोखिम के साथ।
Bypass Surgery कैसे काम करती है
Bypass surgery में एक graft — जो कि एक सिंथेटिक ट्यूब (synthetic tube) या शरीर से निकाली गई नस (harvested vein) होती है — का उपयोग करके ब्लॉक धमनी के चारों ओर रक्त प्रवाह का एक नया रास्ता बनाया जाता है।
- एनेस्थीसिया: जनरल या स्पाइनल anaesthesia की आवश्यकता होती है
- चीरा: जांघ/ग्रोइन (groin/thigh) में लंबा चीरा लगाया जाता है
- अस्पताल में रहना: 7-14 दिन
- रिकवरी: 6-12 सप्ताह — इस दौरान चलने-फिरने में कठिनाई रहती है
- घाव की देखभाल: लंबे चीरे के कारण संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, विशेषकर डायबिटीज़ के मरीज़ों में
Angioplasty कैसे काम करती है
Angioplasty में धमनी को अंदर से खोला जाता है। एक balloon कैथेटर को मात्र 2mm की सुई (needle puncture) के माध्यम से धमनी में डाला जाता है, जो ब्लॉकेज की जगह पहुँचकर धमनी को फुलाकर खोल देता है।
- एनेस्थीसिया: केवल लोकल anaesthesia — मरीज़ पूरी प्रक्रिया के दौरान जागा रहता है
- चीरा: कोई चीरा नहीं — सिर्फ 2mm की सुई का छेद
- अस्पताल में रहना: 1-2 दिन में छुट्टी
- रिकवरी: एक सप्ताह में चलना-फिरना शुरू
- ज़रूरत पड़ने पर: प्रक्रिया आसानी से दोहराई जा सकती है
Bypass Surgery बनाम Angioplasty — विस्तृत तुलना
| कारक | Bypass Surgery | Angioplasty |
|---|---|---|
| एनेस्थीसिया का जोखिम | अधिक — जनरल/स्पाइनल anaesthesia | न्यूनतम — केवल लोकल anaesthesia |
| डायबिटीज़/बुज़ुर्ग मरीज़ों के लिए उपयुक्त | जोखिम भरा — कई बार संभव नहीं | अधिक सुरक्षित — आसानी से किया जा सकता है |
| घाव की जटिलताएँ (Wound complications) | 15-30% मामलों में | <2% मामलों में |
| अस्पताल में रहना | 7-14 दिन | 1-2 दिन |
| पूर्ण रिकवरी | 6-12 सप्ताह | 1-2 सप्ताह |
| दोबारा प्रक्रिया संभव | बहुत कठिन | हाँ, आसानी से |
| 5 वर्ष में पैर बचाने की दर (Limb salvage) | तुलनीय (comparable) | तुलनीय (comparable) |
वर्तमान गाइडलाइन्स क्या कहती हैं?
दुनिया की प्रमुख वैस्कुलर संस्थाएँ — SVS (Society for Vascular Surgery) और ESVS (European Society for Vascular Surgery) — दोनों अपनी नवीनतम गाइडलाइन्स में angioplasty को पहली पंक्ति का इलाज (first-line treatment) बताती हैं।
Bypass surgery अब केवल उन जटिल मामलों (complex lesions) के लिए आरक्षित है जहाँ angioplasty तकनीकी रूप से संभव नहीं हो — जैसे बहुत लंबी या कई जगह पर ब्लॉकेज।
इसका अर्थ स्पष्ट है: अधिकांश PAD मरीज़ों को अब बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं है।
निष्कर्ष
यदि आपको या आपके किसी परिजन को पैर की धमनियों में ब्लॉकेज (PAD — Peripheral Arterial Disease) का पता चला है, तो bypass surgery से पहले angioplasty का विकल्प अवश्य जानें। डॉ. रोहित अग्रवाल मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में Doppler अल्ट्रासाउंड जाँच के बाद सबसे उपयुक्त इलाज की सलाह देते हैं।
PAD के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में पूरी जानकारी के लिए हमारा पेरिफ़ेरल वैस्कुलर डिज़ीज़ विस्तृत पृष्ठ पढ़ें।
अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: +91 860-445-3663 | मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ
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