क्या ब्रेन एन्यूरिज्म का इलाज बिना ओपन सर्जरी हो सकता है?
हाँ। Endovascular coiling रक्त वाहिकाओं के अंदर से ब्रेन एन्यूरिज्म को बंद करती है — बिना craniotomy, बिना ब्रेन सर्जरी। यह अब दुनिया भर में अधिकतर ब्रेन एन्यूरिज्म का पसंदीदा इलाज है।
ब्रेन एन्यूरिज्म क्या है?
ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग़ की किसी धमनी की दीवार पर एक कमज़ोर, फूला हुआ हिस्सा होता है — जैसे एक पतला गुब्बारा जो खून से भर जाता है। अधिकतर एन्यूरिज्म दिमाग़ के आधार पर धमनियों की शाखाओं पर बनते हैं। ये सालों तक छोटे रह सकते हैं और कोई लक्षण नहीं देते। ख़तरा फटने (rupture) में है: जब एन्यूरिज्म फटता है तो दिमाग़ के चारों ओर रक्तस्राव (subarachnoid haemorrhage) होता है, जो लगभग 40% मामलों में जानलेवा होता है और कई जीवित बचने वालों को स्थायी दिमाग़ी नुक़सान होता है। बिना फटे एन्यूरिज्म में भी भविष्य में फटने का ख़तरा रहता है और इलाज की ज़रूरत हो सकती है।
पारंपरिक इलाज — Surgical Clipping
दशकों तक ब्रेन एन्यूरिज्म का एकमात्र इलाज ओपन न्यूरोसर्जरी था। सर्जन craniotomy करते हैं — खोपड़ी की हड्डी का एक हिस्सा हटाकर — फिर सावधानी से दिमाग़ के ऊतक से होते हुए एन्यूरिज्म तक पहुँचते हैं और उसकी गर्दन पर एक छोटी metal clip लगाकर उसे रक्त प्रवाह से अलग करते हैं। प्रभावी होने के बावजूद, clipping एक बड़ी ब्रेन सर्जरी है जिसमें दिमाग़ में सूजन, स्ट्रोक, infection, दौरे (seizures) का ख़तरा रहता है, और रिकवरी में 4-8 हफ़्ते लगते हैं। कई बुज़ुर्ग या शारीरिक रूप से कमज़ोर मरीज़ यह ऑपरेशन करा ही नहीं सकते।
Endovascular Coiling कैसे काम करती है
Endovascular coiling पूरी तरह रक्त वाहिकाओं के अंदर से की जाती है — खोपड़ी कभी नहीं खोली जाती। डॉ. रोहित अग्रवाल जाँघ की धमनी में एक छोटे से छेद से कैथेटर डालते हैं। Live X-ray गाइडेंस में एक microcatheter रक्त वाहिकाओं से होते हुए दिमाग़ तक पहुँचाया जाता है और एन्यूरिज्म की थैली के अंदर रखा जाता है। फिर बारीक platinum coils सावधानी से एन्यूरिज्म के अंदर भरी जाती हैं। ये coils एन्यूरिज्म के अंदर खून का थक्का बनने को बढ़ावा देती हैं, जिससे वह मूल धमनी से प्रभावी रूप से बंद हो जाता है और फटने का ख़तरा समाप्त हो जाता है। जटिल एन्यूरिज्म के लिए balloon-assisted coiling, stent-assisted coiling, या WEB devices जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है।
Coiling बनाम Clipping — Evidence
ऐतिहासिक ISAT (International Subarachnoid Aneurysm Trial) — दोनों तरीक़ों की तुलना करने वाला 2,143 मरीज़ों पर सबसे बड़ा randomised trial — ने दिखाया कि coiling से clipping की तुलना में काफ़ी बेहतर परिणाम मिले: coiling के बाद 1 साल में कम मरीज़ मृत या निर्भर थे। इस evidence ने दुनिया भर में neurovascular practice को बदल दिया, और endovascular coiling अधिकतर एन्यूरिज्म का पहली पसंद का इलाज बन गई।
| पहलू | Surgical Clipping | Endovascular Coiling |
|---|---|---|
| ब्रेन सर्जरी ज़रूरी? | हाँ — craniotomy | नहीं — जाँघ से कैथेटर |
| Anaesthesia | General anaesthesia | General anaesthesia |
| अस्पताल में रुकना | 7-14 दिन | 2-5 दिन |
| रिकवरी | 4-8 हफ़्ते | 1-2 हफ़्ते |
| 1 साल में परिणाम (ISAT) | 74% में अच्छा परिणाम | 76.7% में अच्छा परिणाम |
| प्रक्रिया मृत्यु दर | 1-3% | 1-2% |
| दोबारा इलाज की दर | दुर्लभ | 10 वर्षों में ~15-20% |
परिणाम — डॉ. रोहित अग्रवाल का अनुभव
मेदांता लखनऊ में डॉ. रोहित अग्रवाल ने 250 से अधिक endovascular aneurysm प्रक्रियाएँ की हैं, जिनमें 98% technical success rate रहा है। उनकी टीम भारत में WEB-assisted coiling करने वाली पहली टीम थी — एक उन्नत तकनीक जिसमें mesh device का उपयोग होता है जो wide-neck एन्यूरिज्म का इलाज संभव बनाता है जिन्हें पहले coil करना मुश्किल था। ये परिणाम मेदांता लखनऊ को उत्तर भारत के सबसे अधिक मात्रा वाले neuro-intervention केंद्रों में रखते हैं।
लखनऊ में ब्रेन एन्यूरिज्म coiling मेदांता में — डॉ. रोहित अग्रवाल से संपर्क करें: +91 860-445-3663
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